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डॉक्टरों ने निकाला विरोध मार्च ,वजह जानकार हैरान रह जायेंगे आप

बड़ी संख्या में शहर के प्राइवेट डॉक्टर आई एम् ए भवन में इकट्ठा हुए और सांसद में विचाराधीन बिल का विरोध किया।
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मुरादाबाद

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Jai Prakash

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Updated: 11 Mar 2018, 3:08 PM IST

moradabad

मुरादाबाद: केंद्र सरकार द्वारा नेशंला मेडिकल कमिशन बिल को लेकर निजी डॉक्टर अब आंदोलित हो चले हैं। जिसको लेकर आज शहर में आई एम् ए के बैनर तले डॉक्टरों ने साइकिल और बाइक रैली निकालकर अपना विरोध जताया। सुबह बड़ी संख्या में शहर के प्राइवेट डॉक्टर आई एम् ए भवन में इकट्ठा हुए और सांसद में विचाराधीन बिल का विरोध किया। आई एम् ए के इस प्रदर्शन में मेडिकल स्टूडेंट एसोसिएशन ने भी हिस्सा लिया। रैली आई एम ए भवन से लेकर कम्पनी बाग़ स्थित गांधी स्मारक तक निकाली गयी।

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आई एम ए के प्रदेश सचिव डॉ राजेश सिंह ने झंडी दिखाकर रैली की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि ये बिल न सिर्फ डॉक्टरों के लिए अहितकारी बल्कि मरीजों और आम लोगों के साथ साथ जो गरीब तबके के छात्र मेडिकल की पढाई करना चाहते हैं। उन्हें भी दिक्कत होगी। इससे मेडिकल की पढाई काफी महंगी हो जाएगी और सरकार को वंचित तबके के मौका देने की बात अधूरी रह जाएगी। उनके मुताबिक इस बिल के बाद कोई भी व्यक्ति छह महीने की डिग्री या सर्टिफिकेट लेकर डॉक्टर बन जायेगा। जो न मरीजों के लिए हितकारी होगा और न समाज के लिए। इसलिए लोगों को भी जागरूक करने के लिए ये रैली निकाली जा रही है।

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इस बिल में जिन बातों पर आपत्ति जताई गयी है। उनमें निजी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी सीटें भी निजी कॉलेज देने की बात है। जबकि अभी हर राज्य का एक डॉक्टर प्रतिनिधि होता है। लेकिन इस बिल के बाद सिर्फ पांच राज्यों के ही प्रतिनिधि होंगे जो पूर्णतया गलत होगा। इस बिल के बाद मेडिकल शिक्षा गैर मेडिकल शिक्षा देने वालों के पास चली जाएगी।

इसके साथ ही एक ज्ञापन भी भारत सरकार को भेजा गया है। जिसमें डॉक्टरों ने सभी मुद्दों को इंगित करते हुए अपना विरोध दर्ज करवाया है। इस दौरान बड़ी संख्या में प्राइवेट डॉक्टर मौजूद रहे।